Sunday, August 26, 2012

तुम सदा ऐसे ही मुस्कुराना--(अजय की गठरी)

चांदनी का शमां ये सुहाना , जाने किसको बनाये दीवाना ।
देखकर मुझको तिरछी नजर से , दिल में सीधे उतरती हो जांनां ॥

मैं हूं आशिक तेरा हुश्नवाले , अपनी आंखों में मुझको बसा ले ।
ये निगाहें तेरी जादुई हैं , ये निगाहें तेरी कातिलाना ॥

आज पीने दे जी भर के साकी , कल से छोड़ुंगा पीना मैं साकी ।
आज प्याले को रख दो बगल में , आज नजरों से मुझको पिलाना ॥

मैं इबादत करुंगा तुम्हारी , दौलत-ए-हुश्न मुझको है प्यारी ।
हुश्न तेरा गजब ढा रहा है , फिदा तुझ पर है तेरा दीवाना ॥

लब पे मुस्कान मासूम चेहरा ,ख्वाब को मेरे कर दो सुनहरा ।
हुश्न का गहना है मुस्कुराहट , तुम सदा ऐसे ही मुस्कुराना ॥

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अजय कुमार (गठरी पर)
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15 comments:

Ramakant Singh said...

BEAUTIFUL LINES WITH THOUGHT AND EMOTIONS.

ZEAL said...

Awesome..

Reena Maurya said...

बहुत -बहुत सुन्दर रचना....
:-)

Anil Singh said...


samvednao se paripurn prastuti

S.N SHUKLA said...


ख़ूबसूरत रचना, सुन्दर भाव, बधाई.

मेरे ब्लॉग " meri kavitayen "की नवीनतम पोस्ट पर आपका स्वागत है .

सदा said...

भावमय करते शब्‍दों का संगम ... आभार इस प्रस्‍तुति के लिए

आमिर दुबई said...


बहुत सुन्दर भाव लिए बेहतरीन रचना,



मोहब्बत नामा
मास्टर्स टेक टिप्स

India Darpan said...

बहुत ही शानदार और सराहनीय प्रस्तुति....
बधाई

इंडिया दर्पण
पर भी पधारेँ।

संजय भास्कर said...

बहुत सुन्दर भाव लिए बेहतरीन रचना,

mark rai said...

very nice...AJAY JI..

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) said...

अति सुंदर भावों में उम्र के जूड़े में प्यरा सा फूल टांक दिया है, वाह !!!!!!!!!

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) said...

अति सुंदर भावों में उम्र के जूड़े में प्यरा सा फूल टांक दिया है, वाह !!!!!!!!!

Anupama Tripathi said...

sundar rachna ..
shubhkamnayen ..

Anupama Tripathi said...

bahut sundar rachna ...
shubhkamnayen ..

Dr. O.P.Verma said...

बहुत सुन्दर