Saturday, November 14, 2009

बाल दिवस

जिनका बाल दिवस होता ,कैसे बच्चे होते हैं ?
खाने के ढाबे पर अब भी ,बरतन बच्चे धोते हैं ||
भूख ,गरीबी ,लाचारी में ,जीवन इनका बीत रहा |
जाने कितने नौनिहाल बस पेट पकड़कर सोते हैं ||
खेलकूद ,शैतानी करना ,जिद करना तो भूल गए |
इनको पता चलेगा कैसे ,अक्षर कैसे होते हैं ?
महाशक्ति बनकर उभरेगा ,कैसे कोई देश भला |
भूख ,अशिक्षा ,बीमारी में जिसके बच्चे होते हैं ???

32 comments:

पी.सी.गोदियाल said...

एकदम सही बात आपने कविता के माध्यम से कह दी ! मुझे तो कभी-कभी उन विद्वानों पर भी कोप आता है जो यह कहते है कि बच्चो के प्रिय चाचा, पता नहीं किसने यह मुहावरा बना दिया!

Nirmla Kapila said...

रचना का एक एक शब्द अपने आप मे एक सवाल है सच मे ही अधिकतर बच्चे आज भी भूखे ही सोते हैं। देश के भविश्य की ओर से सरकार ने आँखें मूँद रखी हैं। लाजवाब रचना बधाई

ओम आर्य said...

सवाल करती ये रचना बेहद मार्मिक है ......इन सवालो मे दर्द ही मिलता है यहा देश के सभी लोगों को एक साथ जगने की जरुरत है ......वरना गरीबी और जनसंख्या मे पिस के रह जयेंगे यह बच्चे .............बहुत ही सुन्दर!

vimal verma said...

एक अच्छी रचना के लिये आपका शुक्रिया...आपकी रचना से शैलेन्द्र जी की एक रचना की कुछ लाईने याद आ रही है....

झूठे सपनो के छल से निकल चलती सड़को पर आ,
अपनो से न रह यूँ दूर दूर आ कदम से कदम मिला


लूटी जिसने बच्चों की हंसी,उस भूत का भूत भगा,
अपनो से न रह यूँ दूर दूर आ कदम से कदम मिला’

Harkirat Haqeer said...

महाशक्ति बनकर उभरेगा कैसे कोई देश भला
भूख अशिक्षा बिमारी में जिसके बच्चे होते हैं

अजय जी बाल दिवस पर एक ज्वलंत सवाल .....!!

MANOJ KUMAR said...

जीवन के कुछ सीधे-सादे सवालों से जूझने का मोह स्पष्ट दीखता है। इन सवालों के प्रति जागरूकता बी

Bharat Solanki said...

शब्द विशेष पर एक कविता लिख लेना अपने आप मे दिव्यता का
प्रमाण ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

दिगम्बर नासवा said...

BAHUT JAWALANT PRASHN UTHAAYE HAIN AAPNE ... MAARMIK RACHNA HAI ...

SACH HAI ... JIS DESH KA BACHPAN AISA HAI ... US DESH KI JAWAANI KYA HOGI ....

डॉ टी एस दराल said...

महाशक्ति बनकर उभरेगा ,कैसे कोई देश भला |
भूख ,अशिक्षा ,बीमारी में जिसके बच्चे होते हैं ???

एकदम सटीक.
ये ऐसी सच्चाई है जिसके रहते हम हमेशा विकासशील ही बने रहेंगे, कभी विकसित देश नहीं बन पाएंगे.
एक अच्छी रचना के लिए बधाई.

शोभना चौरे said...

kavita ke bhav bahut hi aachhe hai .
ham yogdan kre mhashkti bnne me desh ko .
abhar

BAD FAITH said...

रचना मार्मिक है.

sada said...

एक-एक शब्‍द जाने कितने सवाल करता हुआ, बहुत ही बेहतरीन अभिव्‍यक्ति, आभार ।

नीरज गोस्वामी said...

बहुत सच्ची बात कही है आपने...कटु सत्य...इस रचना के लिए बधाई स्वीकार करें...
नीरज

Avtar Meher Baba said...

लाजवाब साहब.आप की रचना पढ़ कर जाना कि कलेजा मुँह तक आ जाना किस को कहते है. आंखों में आँसू आ गये... कुछ कवितायें ऐसी मिलती हैं ब्ब्ळोग पर जिन्हें "सेव" करने का मन करता है. आपकी अनुमती चाहते हैं इसे आपके नाम से प्रकाशित करने की, जहाँ भी मौका मिलेगा उस म्न्ध से इसे आप्का नाम ले कर ज़रूर सुनायेंगे. और हाँ अगर रचनायें इतनी सवेंदनशील हों तो लिसी को ब्लोग पर बुल्लना नहीं पड़ता है लोग स्व्यं दीवाने हो जाते हैं
आप्का ही चन्दर मेहेर्

अजय कुमार said...

chandarji aapne likha hai
aapko meri kavita (BAAL DIWAS )pasand aayi to
mai iske liye aabhaari hoon , aap agar mere naam se is kavita ka kahin jikra karna chahte hain to jaroor kijiye , blag jagat to ek parivaar hai |udhrit karte samay blog aur blagar ka naam jaroor dena chahiye
main roman hindi likhane ke liye maafi chahta hoon ,mere blag ka hindi likhane wala font theek se kaam nahi kar raha hai |
aasha hai aap aage bhi mera hausala badhane mere blag par aate rahenge

मनीष राज मासूम said...

khari bat....bahut badhiya.

डॉ.पदमजा शर्मा said...

अजय जी ,
बाल मज़दूरी के साथ ही भारत के सामने कई सम्मस्याएँ हैं .जिनका समाधान बिना द्रढ इच्छा शक्ति के संभव नहीं .

रचना दीक्षित said...

महाशक्ति बनकर उभरेगा ,कैसे कोई देश भला |
भूख ,अशिक्षा ,बीमारी में जिसके बच्चे होते हैं ???

ek behtrin kavita aur chacha nehru ke janam divas par desh ki ankhen kholne vali shrdhanjali
badhaii

Science Bloggers Association said...

बाल दिवस की इस प्रस्तुति के लिए आभार।
बाल साहित्य से जुडाव के कारण बाल दिवस से एक विशिष्ट नाता है। इसलिए आपका इस विषय पर लेखन देख कर अच्छा लगा, बधाई।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

Avtar Meher Baba said...

Thank You for visiting my blog. Please keep in touch.
Lots of Love to You
Avatar Meher Baba Ji Ki Jai
Chandar Meher
kvkrewamp.blogspot.com
kvkrewa.blogspot.com
www.trustmeher.com

singhsdm said...

बहुत ही सुन्दर रचना है आपकी.....बेहतरीन भाव के साथ

उम्दा सोच said...

आप की ये कविता सोनिया जी और मनमोहन जी को भी सुनाई जानी चाहिए !

अर्कजेश said...

महाशक्ति बनकर उभरेगा कैसे कोई देश भला
भूख अशिक्षा बिमारी में जिसके बच्चे होते हैं

बहुत बढिया कविता लिखी है । यही भावनाऍं मैंने भी तस्‍वीरों के माध्‍यम से व्‍यक्‍त की थीं ।

'अदा' said...

अजय जी,
सबसे पहले.....आप आये मेरे ब्लॉग पर मेरा हौसला बढाया ...आपको ह्रदय से धन्यवाद देना चाहूंगी....
और आपकी कविता तो बस लाजवाब है...सही भाव और नपे तुले शब्द ....
समाज को आईना दिखा दिया है आपने...
बहुत खूब...

ASHISH said...

Marmsparshi!

sangeeta said...

महाशक्ति बनकर उभरेगा ,कैसे कोई देश भला |
भूख ,अशिक्षा ,बीमारी में जिसके बच्चे होते हैं ???

bahut sarthak prashn.....ek katu saty ko ujaagar karati rachna.....

Ayush said...

bal divas par aap ne acchi kavita
likhi aur bhi cheeje likhte rahiye

संजय भास्कर said...

बहुत बढिया कविता लिखी है । यही भावनाऍं मैंने भी तस्‍वीरों के माध्‍यम से व्‍यक्‍त की थीं ।

अर्शिया said...

बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
------------------
11वाँ राष्ट्रीय विज्ञान कथा सम्मेलन।
गूगल की बेवफाई की कोई तो वजह होगी?

manish said...

bahut achh hai.

manish said...

bahut achh hai.

Dipak 'Mashal' said...

एक बहुत ही अच्छा और सच्चा सवाल खड़ा किया आपने तो...