Monday, March 8, 2010

औरत का सम्मान करो----

औरत का सम्मान करो , औरत संसार की ज्योती है ।
जिसने हम सबको जन्म दिया , वो जननी औरत होती है ॥

जो करती भाईदूज के दिन , भाई के माथे पर टीका ।
राखी के दिन राखी बांधे , वो बहना औरत होती है ॥
औरत का सम्मान करो , औरत संसार की ज्योती है ॥

उसके बिन सभी अधूरा है , घर लगता नहीं है घर जैसा ।
घर का स्वरूप देने वाली , पत्नी भी औरत होती है ॥
औरत का सम्मान करो , औरत संसार की ज्योती है ॥

बच्चा न जने तो अपमानित , बेटी जन्मे तो अपमानित ।
क्या पुरुष का कोई दोष नही , क्यों दोषी औरत होती है ॥
औरत का सम्मान करो , औरत संसार की ज्योती है ॥

जब महिला दिवस मनाते हैं , होती हैं बातें बड़ी बड़ी ।
फिर चिंता किसे कौन देखे , किस हाल में औरत होती है ॥
औरत का सम्मान करो , औरत संसार की ज्योती है ॥