Sunday, November 21, 2010

बेतरतीब शायरी (अजय की गठरी )

रुख पे जुल्फें हैं ये , अंधेरी रात नही ।
घटायें घिर आयीं , फिर भी बरसात नही॥

तुम्हारा साथ नही , इश्क की बात नही ।
चाँदनी रात में भी , दिल के जज्बात नही॥

रुख पे पर्दा भी नही , अदा नजर की वही ।
जख्म हमको न मिले , ऐसे हालात नही ॥

प्यार में हार नही ,प्यार में जीत नही ।
प्यार शतरंज नही ,शह नही मात नही ॥

शब्द होंठों पे नहीं , फूल बालों में नहीं
सिर्फ हम-तुम फिर भी ,कुछ खयालात नहीं ॥

तुम्हारा दिल भी नहीं ,फूल का गुच्छा भी नहीं ।
कुछ तो दे दो मुझको , इक तबस्सुम ही सही ॥

25 comments:

ZEAL said...

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प्यार कोई शतरंज नहीं...वाह !, उम्दा रचना !

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M VERMA said...

प्यार में शह मात कैसा
पर अड़ंगा डालता है पैसा

सुन्दर् रचना

अरुण चन्द्र रॉय said...

उच्च कोटि की रचना...

दीप्ति शर्मा said...

सुंदर रचना

mere blog par "ek tara"

शरद कोकास said...

बढिया रचना है गठरी मे ।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

प्यार में हार नही ,प्यार में जीत नही ।
प्यार शतरंज नही ,शह नही मात नही ॥

बहुत खूबसूरत बात ...

Rajesh Kumar 'Nachiketa' said...

कुछ तो दे दो, एक तबस्सुम ही सही...
बहुत अच्छे..
राजेश

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

अजय जी ख़यालात बड़े ख़ूबसूरत हैं, वाक़ई थोड़ी तरतीब बख़्स देते तो और मज़ा आ जाता!

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

तुम्हारा दिल भी नहीं ,फूल का गुच्छा भी नहीं ।
कुछ तो दे दो मुझको , इक तबस्सुम ही सही ॥

उम्दा रचना...

ALOK KHARE said...

bahut hi karine se aapne ehsaas piroye hain

badhai

दिगम्बर नासवा said...

प्यार में हार नही ,प्यार में जीत नही
प्यार शतरंज नही ,शह नही मात नही ...

बहुत खूब ... सच है प्यार में कैसी हार और कैसी जीत ... इस खेल मिएँ तो हर कोई हारता है और हर कोई जीतता है ... लाजवाब रचना है ...

उपेन्द्र said...

बेहतरीन ग़ज़ल... सुंदर भावों के साथ

केवल राम said...

शब्द होंठों पे नहीं , फूल बालों में नहीं
सिर्फ हम-तुम फिर भी ,कुछ खयालात नहीं ॥
वाह-वाह क्या बात है ..शुक्रिया
चलते -चलते पर आपका स्वागत है

निर्मला कपिला said...

प्यार मे हार नही जीत नही---- वाह बहुत खूबसूरत शायरी है। बधाई।

Babli said...

बहुत ख़ूबसूरत और लाजवाब रचना लिखा है आपने जो काबिले तारीफ़ है! बधाई !

Shaivalika Joshi said...

sach kahaa aapne Pyar to ek bhawna hai koi Jang ka maidaan nhi

sandhya said...

bhut sundar rachna

sada said...

प्यार शतरंज नही ,शह नही मात नही

बहुत सही ...बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

"अभियान भारतीय" said...

गठरी में आने पर सबसे अधिक प्रसन्नता तो स्लाइड शो को देखकर होती है उसके बाद उम्दा रचना सोने पर सुहागा का काम करती है...
बेहतरीन एवं भावपूर्ण रचना के लिए बधाई |

प्रेम सरोवर said...

Sundar prastuti ke liye Dhanyavad.Plz visit my blog.

Mukesh Kumar Sinha said...

utkristh rachna....aur sach kaha pyari slideshow...

निर्मला कपिला said...

प्यार मे हार नही प्यार मे जीत नही नही
प्यार शतरंज नही शह मात नही।वाह लाजवाब शेर। पूरी गज़ल बहुत अच्छी लगी। बधाई, आशीर्वाद।

gazi_nandlal said...

पहली बार गठरी पर आया अच्छा लगा , आप की कविताओं की शालीनता ने मन मोह लिया ..

kamal mehrotra said...

अजय जी
आप की गढ़री बहुत मजबूत है |
पढ़ कर मजा आ गया,|
आप किस चेनल में है

rishabh said...

..........चिरागों को रौशनी.....सितारों को पैगाम मिल गए........
...............कलियों ने सर उठाया ...भवरों को नाम मिल गए...
.....घर से निकले थे .....कहने तुझे दिल की बात .......
......... कम्बक्त दर पर तेरे आशिक तमाम मिल गए .......