वो रोज़ मुझे आदाब आदाब कहकर मुस्कुराने लगे !!
वो रोज़ मुझे आदाब आदाब कहकर मुस्कुराने लगे!!

एक दिन दाब दिया गला पकड़कर तो छ्टपटाने लगे !
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(इससे पहले ’सस्ते शेर’ ब्लाग पर प्रकशित हो चुका है )
कुछ दिनों के लिये अपने गाँव जा रहा हूं , ब्लाग-जगत से दूर रहुंगा ।


